• धर्मांतरण धर्मांतरण

    धर्मांतरण किसी ऐसे नये धर्म को अपनाने का कार्य है, जो धर्मांतरित हो रहे व्यक्ति के पिछले धर्म से भिन्न हो. एक ही धर्म के किसी एक संप्रदाय से दूसरे में होने व...

  • धर्म और भूगोल धर्म और भूगोल

    विश्व के सभी धर्मों की जन्मभुमि नदी टाइग्रीस व गंगा के मध्य का क्षेत्र ही है। कुल दो किस्म के धर्म पैदा हुये। पहला अब्राहमिक एव दूसरा हिन्दू। अब्राहमिक धर्म ...

  • दान दान

    दान का शाब्दिक अर्थ है - देने की क्रिया। सभी धर्मों में सुपात्र को दान देना परम् कर्तव्य माना गया है। हिन्दू धर्म में दान की बहुत महिमा बतायी गयी है। आधुनिक ...

  • दक्ष प्रजापति दक्ष प्रजापति

    दक्ष प्रजापति को अन्य प्रजापतियों के समान ब्रह्मा जी ने अपने मानस पुत्र के रूप में उत्पन्न किया था। दक्ष प्रजापति का विवाह स्वायम्भुव मनु की तृतीय कन्या प्रस...

  • थियोसोफी थियोसोफी

    थियोसोफी १९वीं शताब्दी के अन्तिम काल में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थापित क्या गया एक धर्म है। इसकी स्थापना मुख्यतः रूसी प्रवासी हेलेना ब्लावट्स्की द्वारा क...

  • तुरतुरिया तुरतुरिया

    छत्तीसगढ़ अपनी पुरातात्विक सम्पदा के कारण आज भारत ही नहीं विश्व में भी अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। यहां के 15000गांवो में से 1000ग्रामो में कही न कही प्रा...

  • तीर्थ तीर्थ

    तीर्थ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व वाले स्थानों को कहते हैं जहाँ जाने के लिए लोग लम्बी और अकसर कष्टदायक यात्राएँ करते हैं। इन यात्राओं को तीर्थयात्रा कहते ह...

  • ताओ-ते-चिंग ताओ-ते-चिंग

    ताओ ते चिंग या दाओ दे जिंग प्रसिद्ध चीनी दार्शनिक लाओ त्सू द्वारा रचित एक धर्म ग्रन्थ है जो ताओ धर्म का मुख्य ग्रन्थ भी माना जाता है। इसका नाम इसके दो विभागो...

  • जय-विजय जय-विजय

    एक बार सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार ये चारों सनकादिक ऋषि कहलाते हैं और देवताओं के पूर्वज माने जाते हैं सम्पूर्ण लोकों से विरक्त होकर चित्त की शान्ति के लि...

  • छिन्नमस्ता भगवती छिन्नमस्ता भगवती

    छिन्नमस्ता भगवती सप्तरी जिला के राजविराज से दक्षिण सीमावर्ती क्षेत्र छिन्नमस्ता के सखडा गाम में स्थित है। छिन्नमस्ता भगवती मनोकामना पूर्ण कनेवाली शक्तिपीठो म...

  • गन्धर्व गन्धर्व

    गन्धर्व स्वर्ग में रहने वाले देवताओं की सबसे निम्न प्रजाति है। यह भारतीय संगीतज्ञ के रूप में जाने जाते हैं, गंधर्वराज पुष्पदंत इंद्र की सभा के गायक थे। मुख्य...

  • ख़ोजा ख़ोजा

    खोजा मुसलमानों का एक समाज जो मुख्यत: पंजाब और महाराष्ट्र के निवासी हैं। खोजा हिंदू ठाकुर का समानार्थी समझा जाता है। ये लोग मिस्र के इस्माइली पंथ के अनुयायी श...

  • कैथोलिक कलीसिया कैथोलिक कलीसिया

    कैथोलिक कलीसिया या रोमन कैथोलिक कलीसिया ईसाई धर्म में वैश्विक ईसाई कलीसिया की एक मुख्य शाखा, तथा सबसे बड़ी कलीसिया है, जिसके अनुयायी रोम के वैटिकन नगर के पोप...

  • कुन्फ़्यूशियसी धर्म कुन्फ़्यूशियसी धर्म

    कनफ़ूशीवाद या कुन्फ़्यूशियसी धर्म ईसा पूर्व 5वीं शताब्दी में शुरू हुआ चीन का एक प्राचीन दर्शन और विचारधारा है। इसके प्रवर्तक थे चीनी दार्शनिक कुन्फ़्यूशियस, ...

  • ओसिरिस ओसिरिस

    ओसिरिस मिस्र के धर्म का एक प्रमुख देवता था। इसकी हत्या इसके भ्राता सेत ने की। इसलिये इसे मृत्यु और पुनर्जन्म का देवता माना जाता था। ईसिस मिस्र के धर्म में ओस...

  • एशियाटिक सोसायटी एशियाटिक सोसायटी

    एशियाटिक सोसायटी की स्थापना १५ जनवरी सन् १७८४ को विलियम जोंस ने कोलकाता स्थित फोर्ट विलियम में की थी। इसका उद्देश्य प्राच्य-अध्ययन का बढ़ावा देना था। के अलाव...

  • उपासना उपासना

    उपासना परमात्मा की प्राप्ति का साधनविशेष। उपासना का शब्दार्थ है - अपने इष्टदेवता की समीप स्थिति या बैठना । आचार्य शंकर की व्याख्या के अनुसार उपास्य वस्तु को ...

  • उड़नेवाला स्पघेटी दानव उड़नेवाला स्पघेटी दानव

    उड़नेवाला स्पघेटी दानव पास्ताफ़ारी धर्म का ईश्वर है। इसे अमेरिका के सरकारी विद्यालयों में इंटेलिजेंट डिज़ाइन और क्रिएशनिस्म पढ़ाने का विरोध करने के लिए सन् 2...

  • ईसिस ईसिस

    ईसिस मिस्र के धर्म में ओसिरिस की पत्नी और होरस कि माता मानी जाती है। वह जादू, कपट, शक्ति और ज्ञान की प्रसिद्ध मिस्री देवी। केब और नुत की कन्या, शक्तिमान देव ...

  • ईश्वर ईश्वर

    परमेश्वर वह सर्वोच्च परालौकिक शक्ति है जिसे इस संसार का सृष्टा और शासक माना जाता है। हिन्दी में परमेश्वर को भगवान, परमात्मा या परमेश्वर भी कहते हैं। अधिकतर ध...

  • ईद-उल-अज़हा ईद-उल-अज़हा

    ईद-उल-अज़हा इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग ७० दिनों बाद इसे मनाया जाता है। इस्लामि...

  • इस्लाम इस्लाम

    इस्लाम प्रेषित परंपरा से निकला एकेश्वरवादी मजहब है। अंतिम प्रेषित की शुरुआत 7वीं सदी के अरेबिया में हुई, जबकि मुस्लिम मानते हैं कि यह सृष्टि की रचना से ही वि...

  • इब्राहीमी धर्म इब्राहीमी धर्म

    इब्राहीमी धर्म उन धर्मों को कहते हैं जो ईश्वर को मानते हैं एवं अब्राहम को ईश्वर का पैग़म्बर मानते है। इनमें यहूदी, ईसाई, इस्लाम और बहाई धर्म, आदि शामिल हैं। ...

  • अष्टावक्र अष्टावक्र

    अष्टावक्र अद्वैत वेदान्त के महत्वपूर्ण ग्रन्थ अष्टावक्र गीता के ऋषि हैं। अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। अष्टावक्र का अर्थ आठ जगह से ट...

  • अवतारवाद अवतारवाद

    संसार के भिन्न-भिन्न देशों तथा धर्मों में अवतारवाद धार्मिक नियम के समान आदर और श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है। पूर्वी और पश्चिमी धर्मों में यह सामान्यत: म...

  • अधिदेवता अधिदेवता

    अधिदेवता या अधिदेवी ऐसे देवता या देवी को कहते हैं। जो किसी स्थान, परिवार, गाँव, शहर, व्यक्ति, राष्ट्र, व्यवसाय या अन्य चीज़ का रक्षक होने के लिए विशेष मान्यत...

  • अजितनाथ अजितनाथ

    अजितनाथ जैन धर्म के २४ तीर्थकरो में से वर्तमान अवसर्पिणी काल के द्वितीय तीर्थंकर है।अजितनाथ का जन्म अयोध्या के राजपरिवार में माघ के शुक्ल पक्ष की अष्टमी में ...

  • अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ

    अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ या इस्कॉन, को "हरे कृष्ण आन्दोलन" के नाम से भी जाना जाता है। इसे १९६६ में न्यूयॉर्क नगर में भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने प...

  • अंतःकरण अंतःकरण

    अंत:करण का तात्पर्य उस मानसिक शक्ति से है जिससे व्यक्ति उचित और अनुचित का निर्णय करता है। सामान्यत लोगों की यह धारणा होती है कि व्यक्ति का अंतकरण किसी कार्य ...

  • शिव दयाल सिंह शिव दयाल सिंह

    श्री शिव दयाल सिंह साहब राधास्वामी मत की शिक्षाओं का प्रारंभ करने वाले पहले सन्त सतगुरु थे। उनका जन्म नाम सेठ शिव दयाल सिंह था। उनका जन्म 24 अगस्त 1818 में आ...

  • धर्म धर्म

    पन्थ/सम्प्रदाय के अर्थ में धर्म के लिए धर्म देखें। राजधर्म के लिए राजधर्म देखें। दक्षिणा के लिए दक्षिणा देखें। धर्म पालि: धम्म भारतीय संस्कृति और भारतीय दर्श...

धर्म

जगमोहिनी सम्प्रदाय

जगमोहन संप्रदाय, पूर्वी बंगाल का एक संप्रदाय । अपने नाम जगमोहन गोस्वामी के नाम था, जो इसके प्रवर्तक माना जाता है । इस संप्रदाय के लोगों को निर्गुण उपासक रहे हैं. गुरु की पूजा करते, उनकी आराधना का मुख्य अंग है । यह दो भेद है - वह और उदासीन. लेकिन इसकी कोई शास्त्र उपलब्ध नहीं है ।

नौभार पंथ

कार्गो पंथ मलेशिया और ओशिनिया के अन्य द्वीपों की तकनीक में अग्रसर विश्वविद्यालयों के साथ टकराव विकसित किया जा रहा है पर कुछ धर्मों का कहना है । इन धर्म इस विश्वास पर आधारित हैं कि कुछ धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए अपने द्वीप पर कार्गो भेज दिया जाएगा ।

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धर्मानुसार श्रेणियाँ
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धर्म

पन्थ/सम्प्रदाय के अर्थ में धर्म के लिए धर्म देखें। राजधर्म के लिए राजधर्म देखें। दक्षिणा के लिए दक्षिणा देखें। धर्म पालि: धम्म भारतीय संस्कृति और भारतीय दर्श...

प्रवेशद्वार: धर्म और विश्वास

कन फ य श यन ज म क र य शन ज म प र व ईस इयत Heathenism ह न द धर म ह न द धर म इस ल म ज न यह द कब ब ल ह Latter day Saints मह यन ब द ध नह प र म नह द व ष वह व पर त...

शिव दयाल सिंह

श्री शिव दयाल सिंह साहब राधास्वामी मत की शिक्षाओं का प्रारंभ करने वाले पहले सन्त सतगुरु थे। उनका जन्म नाम सेठ शिव दयाल सिंह था। उनका जन्म 24 अगस्त 1818 में आ...

अंतःकरण

अंत:करण का तात्पर्य उस मानसिक शक्ति से है जिससे व्यक्ति उचित और अनुचित का निर्णय करता है। सामान्यत लोगों की यह धारणा होती है कि व्यक्ति का अंतकरण किसी कार्य ...

अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ

अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ या इस्कॉन, को "हरे कृष्ण आन्दोलन" के नाम से भी जाना जाता है। इसे १९६६ में न्यूयॉर्क नगर में भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने प...

अकाली

अकाल शब्द का शब्दार्थ है - कालरहित। भूत, भविष्य तथा वर्तमान से परे, पूर्ण अमरज्योति ईश्वर, जो जन्ममरण के बंधन से मुक्त है और सदा सच्चिदानंद स्वरूप रहता है, उ...

अजितनाथ

अजितनाथ जैन धर्म के २४ तीर्थकरो में से वर्तमान अवसर्पिणी काल के द्वितीय तीर्थंकर है।अजितनाथ का जन्म अयोध्या के राजपरिवार में माघ के शुक्ल पक्ष की अष्टमी में ...

अधिदेवता

अधिदेवता या अधिदेवी ऐसे देवता या देवी को कहते हैं। जो किसी स्थान, परिवार, गाँव, शहर, व्यक्ति, राष्ट्र, व्यवसाय या अन्य चीज़ का रक्षक होने के लिए विशेष मान्यत...

अनन्तनाथ

भ ई ग रहस थ ह उनक अल व सभ घर क ल ग स न य स ल च क ह उनक भ ई अन तन थ और श त न थ न आच र य व द य स गर स द क ष ग रहण क और म न य गस गर और ल कप र य ह इस पर सर म भगव...

अनूबिस

थ : र स र यद व अत म, च न म, अम न, प त ह, अम न - र ओस र स यमद व अन ब स अत न स ष ट द व म न, थ थ चन द रद व ह रस इत य द सभ म स र क सम र ट पर वर त त क य गय थ कक ष...

अमुन

इज प शन नह इस धर म म कई द वत थ : र स र यद व अत म, च न म, अम न प त ह, अम न - र ओस र स यमद व अन ब स, अत न स ष ट द व म न, थ थ चन द रद व अपन स न ट कड य म ब ट र ख...

अमुन-रा

अन स र र न स वय प रकट ह ए थ व श त फ न व ह रस उनक क स त न थ र क अम न - र ऐट न व हर - म च क र प म भ प ज ज त थ यह म न ज त थ क र क ह म ल क इज प शन नह इस धर म म क...

अरनाथ

ज 13 व मलन थ ज 14 अन तन थ ज 15 धर मन थ ज 16 श त न थ 17 क थ न थ 18 अरन थ ज 19 मल ल न थ ज 20 म न स व रत ज 21 नम न थ ज 22 अर ष टन म ज 23 प र श वन थ ज 13 व मलन थ...

अवतारवाद

संसार के भिन्न-भिन्न देशों तथा धर्मों में अवतारवाद धार्मिक नियम के समान आदर और श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है। पूर्वी और पश्चिमी धर्मों में यह सामान्यत: म...

अष्टावक्र

अष्टावक्र अद्वैत वेदान्त के महत्वपूर्ण ग्रन्थ अष्टावक्र गीता के ऋषि हैं। अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। अष्टावक्र का अर्थ आठ जगह से ट...

आर्यिका

ज त ह म न शब द क प रय ग प र ष स न य स य क ल ए क य ज त ह और आर य क शब द क प रय ग स त र स न य स य क ल ए क य ज त ह श रमण शब द क प रय ग गण न आर य क श र व द य श र...

आस्तिक

भारतीय दर्शन में आस्तिक शब्द तीन अर्थों में प्रयुक्त हुआ है- 1 जो लोग वेद को परम प्रमाण मानते हैं। इस परिभाषा के अनुसार बौद्ध, जैन और लोकायत मतों के अनुयायी ...

इब्राहीमी धर्म

इब्राहीमी धर्म उन धर्मों को कहते हैं जो ईश्वर को मानते हैं एवं अब्राहम को ईश्वर का पैग़म्बर मानते है। इनमें यहूदी, ईसाई, इस्लाम और बहाई धर्म, आदि शामिल हैं। ...

इस्लाम

इस्लाम प्रेषित परंपरा से निकला एकेश्वरवादी मजहब है। अंतिम प्रेषित की शुरुआत 7वीं सदी के अरेबिया में हुई, जबकि मुस्लिम मानते हैं कि यह सृष्टि की रचना से ही वि...

ईद-उल-अज़हा

ईद-उल-अज़हा इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग ७० दिनों बाद इसे मनाया जाता है। इस्लामि...

ईद-उल-फितर

ईद उल - फ त र य ईद उल - फ तर अरब عيد الفطر म स लम न रमज न उल - म ब रक क एक मह न क ब द एक मज हब ख श क त य ह र मन त ह ज स ईद उल - फ त र कह पर व य ईद ह वह य ह ई...

ईश्वर

परमेश्वर वह सर्वोच्च परालौकिक शक्ति है जिसे इस संसार का सृष्टा और शासक माना जाता है। हिन्दी में परमेश्वर को भगवान, परमात्मा या परमेश्वर भी कहते हैं। अधिकतर ध...

ईसिस

ईसिस मिस्र के धर्म में ओसिरिस की पत्नी और होरस कि माता मानी जाती है। वह जादू, कपट, शक्ति और ज्ञान की प्रसिद्ध मिस्री देवी। केब और नुत की कन्या, शक्तिमान देव ...

उड़नेवाला स्पघेटी दानव

उड़नेवाला स्पघेटी दानव पास्ताफ़ारी धर्म का ईश्वर है। इसे अमेरिका के सरकारी विद्यालयों में इंटेलिजेंट डिज़ाइन और क्रिएशनिस्म पढ़ाने का विरोध करने के लिए सन् 2...

उपासना

उपासना परमात्मा की प्राप्ति का साधनविशेष। उपासना का शब्दार्थ है - अपने इष्टदेवता की समीप स्थिति या बैठना । आचार्य शंकर की व्याख्या के अनुसार उपास्य वस्तु को ...

एशियाटिक सोसायटी

एशियाटिक सोसायटी की स्थापना १५ जनवरी सन् १७८४ को विलियम जोंस ने कोलकाता स्थित फोर्ट विलियम में की थी। इसका उद्देश्य प्राच्य-अध्ययन का बढ़ावा देना था। के अलाव...

ओसिरिस

ओसिरिस मिस्र के धर्म का एक प्रमुख देवता था। इसकी हत्या इसके भ्राता सेत ने की। इसलिये इसे मृत्यु और पुनर्जन्म का देवता माना जाता था। ईसिस मिस्र के धर्म में ओस...

कुन्फ़्यूशियसी धर्म

कनफ़ूशीवाद या कुन्फ़्यूशियसी धर्म ईसा पूर्व 5वीं शताब्दी में शुरू हुआ चीन का एक प्राचीन दर्शन और विचारधारा है। इसके प्रवर्तक थे चीनी दार्शनिक कुन्फ़्यूशियस, ...

कृष्ण जाम्बवन्त युद्ध

एक बार सत्राजित ने भगवान सूर्य की उपासना करके उनसे स्यमन्तक नाम की मणि प्राप्त की। उस मणि का प्रकाश भगवान सूर्य के समान ही था। एक दिन भगवान कृष्ण जब चौसर खेल...

कैथोलिक कलीसिया

कैथोलिक कलीसिया या रोमन कैथोलिक कलीसिया ईसाई धर्म में वैश्विक ईसाई कलीसिया की एक मुख्य शाखा, तथा सबसे बड़ी कलीसिया है, जिसके अनुयायी रोम के वैटिकन नगर के पोप...

ख़ोजा

खोजा मुसलमानों का एक समाज जो मुख्यत: पंजाब और महाराष्ट्र के निवासी हैं। खोजा हिंदू ठाकुर का समानार्थी समझा जाता है। ये लोग मिस्र के इस्माइली पंथ के अनुयायी श...

खोरदादसाल

क शरण द त वह प रस य क खत म कर म सलम न द श बन ल य गय न र ज ख रद दस ल जरथ स त रन गहम बर स फ र व र द गन पप ट जमश द न र ज प र च न फ रस आज

गंगावतरण

युधिष्ठिर ने लोमश ऋषि से पूछा, "हे मुनिवर! राजा भगीरथ गंगा को किस प्रकार पृथ्वी पर ले आये? कृपया इस प्रसंग को भी सुनायें।" लोमश ऋषि ने कहा, "धर्मराज! इक्ष्वा...

गति (धर्म)

नरक, तिर्यंच, मानुष और देव लोक में बँटे संसार के व्यवस्थापक आठ कर्म हैं। अनंत ज्ञान, दर्शन, सुख और वीर्य के पुंजीभूत इस आत्मा की श्रद्धा, ज्ञान, आदि का जिस प...

गन्धर्व

गन्धर्व स्वर्ग में रहने वाले देवताओं की सबसे निम्न प्रजाति है। यह भारतीय संगीतज्ञ के रूप में जाने जाते हैं, गंधर्वराज पुष्पदंत इंद्र की सभा के गायक थे। मुख्य...

गुरू(सिख धर्म)

गुरू एक सर्व उतम शक्ति है जो हर जीव आत्मा में ज्ञान भरती है। गुरू, संस्कृत शब्द है जिस का अर्थ है अँधेरे से रौशनी की तरफ लेकर जाने वाला। सिख धर्म में गुरू अक...

चीर हरण

खाण्डव वन के दहन के समय अर्जुन ने मय दानव को अभय दान दे दिया था। इससे कृतज्ञ हो कर मय दानव ने अर्जुन से कहा, "हे कुन्तीनन्दन! आपने मेरे प्राणों की रक्षा की ह...

च्यवन

भृगु मुनि के पुत्र च्यवन महान तपस्वी थे। एक बार वे तप करने बैठे तो तप करते-करते उन्हें हजारों वर्ष व्यतीत हो गये। यहाँ तक कि उनके शरीर में दीमक-मिट्टी चढ़ गई...

छप्पन भोग

रस 6 प्रकार के होते है। तिक्त अम्ल कषाय कटु लवण मधुर इन छ: रसों के मेल से रसोइया कितने वयंजन बना सकता है? 6 C 1 + 6 C 2 + 6 C 3 + 6 C 4 + 6 C 5 + 6 C 6 = 63 ...

छिन्नमस्ता भगवती

छिन्नमस्ता भगवती सप्तरी जिला के राजविराज से दक्षिण सीमावर्ती क्षेत्र छिन्नमस्ता के सखडा गाम में स्थित है। छिन्नमस्ता भगवती मनोकामना पूर्ण कनेवाली शक्तिपीठो म...

जमशोद नौरोज़

जमशोद नौरोज़ पारसी धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहार है। यह पश्चिमी एशिया, मध्य एशिया, काकेशस, काला सागर बेसिन और बाल्कन में ३००० से अधिक...

जय-विजय

एक बार सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार ये चारों सनकादिक ऋषि कहलाते हैं और देवताओं के पूर्वज माने जाते हैं सम्पूर्ण लोकों से विरक्त होकर चित्त की शान्ति के लि...

जरथुस्त्रनो

जरथुस्त्रनो पारसी धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहार है। ज़रथोस्त नो डेसो, पारसी धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन है। यह पैगंबर जोरोस्टर की पुण्...

जरासंघ वध

एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने राजसूय यज्ञ किया तथा अपने चारों भाइयों को दिग्विजय करने की आज्ञा दी। चारों भाइयों ने चारों दिशा में जाकर समस्त नरपतियों पर विजय प...

आंल सेंटस डे

गय Liturgically, चर च पर पर गत उस द न क र प म मन य न गर न Vigil आ ल स टस क और, जब तक 1970, स थ उपव स क द न.अगर यह एक रव व र क ग र गई ह ल क

ताओ-ते-चिंग

ताओ ते चिंग या दाओ दे जिंग प्रसिद्ध चीनी दार्शनिक लाओ त्सू द्वारा रचित एक धर्म ग्रन्थ है जो ताओ धर्म का मुख्य ग्रन्थ भी माना जाता है। इसका नाम इसके दो विभागो...

तारण तरण महासभा

तातरण महासभा एक मंंडल है।इसका मुख्यालय निसईजी मल्हारगढ़ और सागर है।यह मंडल ही तारण पंथ में पदवी देता है। अध्यक्ष-:श्रीमंत सेठ अशोक कुमार जैन काकाजी

तीर्थ

तीर्थ धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व वाले स्थानों को कहते हैं जहाँ जाने के लिए लोग लम्बी और अकसर कष्टदायक यात्राएँ करते हैं। इन यात्राओं को तीर्थयात्रा कहते ह...

तीर्थस्थान

तीर्थस्थान एक ऐसा स्थल है जहां लोग प्रेरणा और सन्तोष के लिये जाते हैं। साधारणतः यह नदी के घाट पर अथवा पहाडी पर होता है जहां एक और लोक प्रस्थान करने की कल्पना...

तुरतुरिया

छत्तीसगढ़ अपनी पुरातात्विक सम्पदा के कारण आज भारत ही नहीं विश्व में भी अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। यहां के 15000गांवो में से 1000ग्रामो में कही न कही प्रा...

थियोसोफी

थियोसोफी १९वीं शताब्दी के अन्तिम काल में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थापित क्या गया एक धर्म है। इसकी स्थापना मुख्यतः रूसी प्रवासी हेलेना ब्लावट्स्की द्वारा क...

दक्ष प्रजापति

दक्ष प्रजापति को अन्य प्रजापतियों के समान ब्रह्मा जी ने अपने मानस पुत्र के रूप में उत्पन्न किया था। दक्ष प्रजापति का विवाह स्वायम्भुव मनु की तृतीय कन्या प्रस...

दान

दान का शाब्दिक अर्थ है - देने की क्रिया। सभी धर्मों में सुपात्र को दान देना परम् कर्तव्य माना गया है। हिन्दू धर्म में दान की बहुत महिमा बतायी गयी है। आधुनिक ...

दिति का गर्भधारण

पुराणों के अनुसार एक बार मरीचि नन्दन कश्यप जी ने भगवान को प्रसन्न करने के लिये खीर की आहुति दी। आराधना समाप्त करके वह सन्ध्या काल के समय अग्निशाला में ध्यानस...

धर्म और गर्भपात

गर्भपात के विषय में कोई भी बौद्ध धर्म कुछ भी नहीं कहता। पारंपरिक स्रोत, जैसे बौद्ध मठ का संहिता के अनुसार जीवन की शुरूआत गर्भधारण से होती है जो गर्भपात करने ...

धर्म और भूगोल

विश्व के सभी धर्मों की जन्मभुमि नदी टाइग्रीस व गंगा के मध्य का क्षेत्र ही है। कुल दो किस्म के धर्म पैदा हुये। पहला अब्राहमिक एव दूसरा हिन्दू। अब्राहमिक धर्म ...

धर्म के लक्षण

मनु ने धर्म के दस लक्षण गिनाए हैं: धृति: क्षमा दमोऽस्‍तेयं शौचमिन्‍द्रियनिग्रह:। धीर्विद्या सत्‍यमक्रोधो दशकं धर्मलक्षणम्‌।। मनुस्‍मृति ६.९१ अर्थ – धृति धैर्...

धर्म दर्शन

धर्म दर्शन यह एक प्रकार का दर्शन है । इसका उदय भारतीय प्रायद्वीप में हुआ। धर्म यह जीवन जीने की पद्धति है । इस दर्शन की खोज प्राचीन ऋषियों ने की । कालांतर में...

धर्म महामात्र

प्राचीन भारत के शासन-व्यवस्था में धर्म महामात्र या धम्म महामात्र नामक कर्मचारी होते थे जिनका कार्य धर्मानुशासन् स्थापित करना होता था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र ...

धर्मप्रचार (ईसाई)

बाइबिल में लिखा है कि ईसा ने अपने स्वर्गारोहण के पूर्व अपने शिष्यों को आदेश दिया था कि वे संसाभर में उनके धर्म का प्रचार करें। अत: प्रारंभ से ही धर्मप्रचार ई...

धर्मांतरण

धर्मांतरण किसी ऐसे नये धर्म को अपनाने का कार्य है, जो धर्मांतरित हो रहे व्यक्ति के पिछले धर्म से भिन्न हो. एक ही धर्म के किसी एक संप्रदाय से दूसरे में होने व...

धर्माचरण

इसल ए धर म चरण क उसपर क ई प रभ व नह पड सकत उच छ दव द क अन स र वर तम न शर र क स थ ह ज वन क उच छ द ह ज त ह इसक अन स र भ धर म चरण न रर थक ह ह न द ब र ह मण अपन ध...

धार्मिक अल्पसंख्यक

किसी देश, प्रान्त या क्षेत्र की जनसंख्या में जिस धर्म के मानने वालों की संख्या कम होती है उस धर्म को अल्पसंख्यक धर्म तथा उसके अनुयायीयों को धार्मिक अल्पसंख्य...

धार्मिक व्यामोह (पैरानोइया)

धार्मिक व्यामोह, किसी बाहरी कारक के द्वारा या किसी धार्मिक संदर्भ के माध्यम से उद्देश्यपूर्ण तरीके से हमला होने का एक तर्कहीन भय है। ईश्वर या शैतान का डर किस...